बोर्ड परीक्षा में ऐसा भी होता है? टाटपट्टी पर बिठाकर दिलाया पेपर! बवाल मचा तो टीचर बोली- श्रीराम ने…

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Students Sitting on ground In Board Paper: सतना के सरस्वती स्कूल में 12वीं हिंदी परीक्षा के दौरान 52 छात्रों को टाटपट्टी पर बैठाकर परीक्षा दिलाई गई, जिससे अभिभावकों ने नाराजगी जताई. शिक्षा विभाग ने लापरवाही मान…और पढ़ें

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 12वीं परीक्षा में छात्रों को जमीन पर बैठाकर कराया पेपर, नोटिस के बाद ….

हाइलाइट्स

  • सतना के स्कूल में 12वीं के छात्रों को जमीन पर बैठाकर परीक्षा दिलाई गई.
  • अभिभावकों की शिकायत पर केंद्र अध्यक्ष को नोटिस जारी हुआ.
  • परीक्षा केंद्र की व्यवस्था अब सुधार ली गई है.

सतना. मंगलवार को सतना के सरस्वती स्कूल, केशवनगर धवारी में 12वीं कक्षा के हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी. इस दौरान 52 छात्रों को उचित फर्नीचर न मिलने के कारण टाटपट्टी पर बैठाकर परीक्षा दिलाई गई. यह मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया.

अभिभावकों का कहना था कि जिन बच्चों ने कक्षा 9 से 12वीं तक टेबल-कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई की , उन्हें अचानक परीक्षा के दौरान जमीन पर बैठने को मजबूर कर दिया गया. इस घटना को लेकर छात्रों ने भी डीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

केंद्र अध्यक्ष को नोटिस जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्र अध्यक्ष को नोटिस जारी किया.मंडल के अनुसार इस वर्ष केवल उन्हीं परीक्षा केंद्रों को अनुमति दी गई थी जहां इंटरनेट, सीसीटीवी, पानी, फर्नीचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो. बावजूद इसके सरस्वती स्कूल में छात्रों को जमीन पर बैठाकर परीक्षा दिलाई गई जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ.

व्यवस्था में हो गया है सुधार
लोकल 18 की टीम शुक्रवार को परीक्षा केंद्र पहुंची और देखा कि अब व्यवस्था को सुधार लिया गया है. केंद्र अध्यक्ष एक्सीलेंस सीएम राइज रायगांव की प्राचार्य विनीता खरे ने लोकल 18 से बातचीत में कहा, पहले पेपर में बेंच की व्यवस्था नहीं हो पाई थी. पुराने समय में गुरुकुलों में भी छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा देते थे, लेकिन अगर इस बार यह गलती हुई तो मैं इसे स्वीकारती हूं और प्रशासन जो भी सजा देगा, वह मुझे मंजूर है.

400 से अधिक छात्रों के बैठने की नहीं थी क्षमता
उन्होंने बताया कि केशवनगर विद्यालय के प्राचार्य पहले ही यह स्पष्ट कर चुके थे कि परीक्षा केंद्र में 400 से अधिक छात्रों के बैठने की क्षमता नहीं है. इस बार 10वीं में 429 और 12वीं में 452 छात्र परीक्षा दे रहे थे जिससे अव्यवस्था हुई.

प्राचार्य विनीता खरे ने अभिभावकों और छात्रों से माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुधार लिया गया है.

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