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महिला की एक मस्तिष्क विकार की वजह से आवाज चली गई थी. एआई तकनीक से बने उपकरण की मदद से उसे बोलने में मदद मिलने लगी. पर उपकरण में खामियों के कारण उन्हें बैन कर दिया गया. कहा गया कि वे गलत तरह के शब्दों का उपयोग क…और पढ़ें

एआई तकनीक के उपकरण से महिला काफी खुश थी कि वह फिर से बाद करने लगी थी.
हाइलाइट्स
- जॉयसी एसर मस्तिष्क विकार की वजह से बोल नहीं पाती थीं
- एआई तकनीक से जॉयसी को बोलने में मदद मिली
- उपकरण में खामियों के कारण जॉयसी को बैन किया गया
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि एआई जैसी तकनीकें इंसान के लिए सुविधाएं बढ़ाने का जरिया होती हैं. लेकिन इससे वैज्ञानिक कई तरह की सेहत संबंधी समस्याएं भी सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसी ही एक तकनीक से एक गूंगी महिला को बोलने के काबिल बनाया गया था. वह एआई के जरिए लोगों से बात भी करने लगी थी. लेकिन जल्दी ही उसके उपकरण उपयोग पर बैन लगा दिया गया और महिला को समझ में ही नहीं आया कि उससे गलती क्या हो गई थी.
एक तंत्रिका विकार की समस्या
यूके की जॉयसी एसर मोटर न्यूरॉन विकार से ग्रसित थीं. इसमें तंत्रिका कोशिकाएं मांसपेशियों पर काबू खो देती हैं. इसे वजह से वे अपने गले को हिला डुला तो सकती थीं. लेकिन वे बोल या कुछ निकल नहीं पाती थीं. इसी कारण से उन्होंने इलेवन लैब्स का बनाया हुआ हाई टेक एआई उपकरण का इस्तेमाल किया.
कैसे निकला समाधान?
इसमें उन्हीं की पुरानी आवाजों को रिकॉर्ड किया हुआ था जिसके जरिए वे फिर से बोल सकती थीं. डेली स्टार के मुताबिक जॉयसी को उपकरण में केवल अपने वाक्यों को टाइप करना होता था, लेकिन इसके लिए वे हाथ या आंख के इशारे से ही वे अक्षरों का चुनाव कर सकती थीं. उन्होंने बताया कि जब वे फिर से बोलने की स्थिति में आईं तो यह उनके लिए बहुत ही भावुक लम्हा था.

इस तकनीक में महिला को केवल टाइप करना था या आंखों के इशारे से अक्षर चुनने होते थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Canva)
फिर दिखने लगीं खामियां
लेकिन उनका यह टूल बहुत ही जल्दी अपनी कमियां उजागर करने लगा. वे खुल कर उसके जरिए बात नहीं कर पा रहीं. उन्होंने खुद ही तय कर लिया था कि टूल का इस्तेमाल बार बार नहीं करेंगी. जल्द ही उन्हें आधिकारिक चेतावनी मिल गई क्योंकि उनकी बातचीत में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल होने लगा था. जबकि जॉयसी को लग रहा कि वे सामान्य तौर से ही ब्रिटिश अनौपचारिक शब्दों को उपयोग कर रहीं थीं.
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पहले उन्हें लगा कि चेतावनी गंभीर नहीं है, लेकिन अगले ही दिन उन्हें उपकरण के इस्तेमाल से बैन कर दिया गया. जबकि हाल ही में वे इस उपकरण से खुश थीं. और उपकरण की तारीफ भी कर रही थीं. कंपनी ने उनसे माफी मांग कर उनकी सेवाएं फिर बहाल की, लेकिन जॉयसी को समझ में नहीं आ रहा कि गड़बड़ कहां हुई. वहीं कंपनी की वेबसाइट में कई नियमों का उल्लेख है जिनके उल्लंघन से उपकरण प्रतिबंधित हो सकता है. उन्होंने हाल ही में अपना ये दुख भरा अनुभव शेयर किया है.
February 15, 2025, 18:48 IST
बोल नहीं पाती थी महिला, AI तकनीक से उसे मिली आवाज, फिर बैन ने छीन ली उसकी खुशी