युट्यूब देखकर आ गए थे बागेश्वर धाम,नहीं लगी अर्जी तो… अब ढाबे में पति पत्नी बर्तन धोने को मजबूर

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Bageshwar Dham News: पिछले साल 13 अगस्त 2024 को युटयूब में बालाजी की फोटो देखी तो दर्शन करने की इच्छा हुई. फिर बागेश्वर धाम आने का मन बना लिया. हमनें गुरूजी के साथ बागेश्वर धाम से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में …और पढ़ें

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बागेश्वर

बागेश्वर धाम में बातचीत करते श्रद्धालु 

हाइलाइट्स

  • यूट्यूब पर बालाजी की फोटो देखकर बागेश्वर धाम आए.
  • पैसों की कमी के कारण ढाबे में काम करने को मजबूर.
  • 20 दिनों से बागेश्वर धाम में रुके हुए हैं.

बागेश्वर धाम श्रद्धालु. छतरपुर जिले के ग्राम गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. यहां आकर श्रद्धालु मनोकामनाएं लेकर आते हैं. बिहार के सिवान जिले से पत्नी के साथ बागेश्वर धाम आए राकेश तिवारी बताते हैं कि पत्नी ने युट्यूब में बालाजी की फोटो देखी थी तो दर्शन करने की इच्छा हुई. इसके बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में भी शामिल हुए थे. फिलहाल, पिछले 20 दिन से बागेश्वर धाम में हैं. हालांकि, पैसों की किल्लत भी हुई इसलिए ढाबे में भी काम किया लेकिन बालाजी बागेश्वर को छोड़कर जाने का मन ही नहीं किया.

बिहार से आए श्रद्धालु ने कहा
बिहार के सिवान जिले से बागेश्वर धाम आए श्रद्धालु राकेश तिवारी बताते हैं कि हम पति-पत्नी बागेश्वर धाम में हुए 251 कन्या विवाह के 2 दिन पहले ही आ गए थे. जब से लेकर अभी तक बागेश्वर धाम में ही रुके हैं. गुरुजी बिहार के गोपालगंज चले गए तो यहां होली तक रहे. हालांकि, बागेश्वर धाम में रहने के लिए दरबार हाल है और भोजन के लिए अन्नपूर्णा रसोईया भी है. यहां इतनी हेल्प तो मिल जाती थी लेकिन कुछ भी और चीजों की जरूरत पड़ती है जिसके लिए रुपए चाहिए होते हैं. रुपयों की जरूरत थी तो और इतने दिन से बागेश्वर धाम में गुरुजी के लिए रुके हैं इसलिए 2 अलग-अलग ढाबे में 5-5 दिन काम भी किया.

ढाबे पर पत्नी साथ किया काम 
बिहार जाने के लिए खर्च-पानी लगना था और जेब में रुपए बचे नहीं थे इसलिए ढाबे में पत्नी साथ रोटी भी बनाई, लोगों को खाना भी खिलाया, भोजन भी ढाबे पर करते थे.

राकेश बताते हैं कि पत्नी को बाधा थी तो महाराज जी के यहां अर्जी लगाने आए थे. महाराज जी से मिलना तो नहीं हो पाया. इसलिए बागेश्वर धाम में रुके रहे. इसके बाद गुरुजी बिहार के गोपालगंज में कथा करने चले गए. फिर पता चला कि गुरुजी होली मनाने बागेश्वर धाम आएंगे इसलिए रुक गय थे.

युट्यूब से देखकर आ गए बागेश्वर धाम 
राकेश की पत्नी बताती हैं कि पिछले साल 13 अगस्त 2024 को युटयूब में बालाजी की फोटो देखी तो दर्शन करने की इच्छा हुई. फिर बागेश्वर धाम आने का मन बना लिया. हमनें गुरूजी के साथ बागेश्वर धाम से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में 160 किमी पैदल भी चले हैं.

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युट्यूब देखकर आ गए थे बागेश्वर धाम…अब ढाबे में पति पत्नी बर्तन धोने को मजबूर

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